निर्माण मजदूरों के खाते में दिल्ली सरकार ने डाली सहायता राशि, निगम कर्मचारी दो माह से वेतन को तरसे
दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले 7242 निर्माण मजदूरों के खाते में सहायता राशि भेज दी है। इससे एक हफ्ते पहले भी सरकार ने 32,358 पंजीकृत निर्माण मजदूरों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये की सहायता राशि भेजी थी।
अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया था कि निर्माण मजूदरों को पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड इस काम को अंजाम तक पहुंचा रहा है।
शुरुआत में बोर्ड ने पंजीकृत 32358 मजदूरों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये डाले थे। इस मद में 16.18 करोड़ रुपये खर्च हुए। अब 7242 ऐसे मजदूरों को मदद दी गई, जिनका पहले से पंजीकरण नहीं था।
दिल्ली सरकार से निगम ने की एक हजार करोड़ रुपये की मांग
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी बीते दो माह से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इनमें स्वच्छता कर्मचारियों से लेकर डॉक्टर व अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन नहीं मिली है।
इस संबंध में निगम ने दिल्ली सरकार से एक हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि की मांग की है। निगम कर्मचारियों को सिर्फ जनवरी माह का ही वेतन मिला है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जनवरी तक की पेंशन मिली है।
अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया था कि निर्माण मजूदरों को पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। दिल्ली लेबर वेलफेयर बोर्ड इस काम को अंजाम तक पहुंचा रहा है।
शुरुआत में बोर्ड ने पंजीकृत 32358 मजदूरों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये डाले थे। इस मद में 16.18 करोड़ रुपये खर्च हुए। अब 7242 ऐसे मजदूरों को मदद दी गई, जिनका पहले से पंजीकरण नहीं था।
दिल्ली सरकार से निगम ने की एक हजार करोड़ रुपये की मांग
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी बीते दो माह से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इनमें स्वच्छता कर्मचारियों से लेकर डॉक्टर व अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन नहीं मिली है।
इस संबंध में निगम ने दिल्ली सरकार से एक हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि की मांग की है। निगम कर्मचारियों को सिर्फ जनवरी माह का ही वेतन मिला है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जनवरी तक की पेंशन मिली है।
निगम कर्मचारियों का खर्च चलाना मुश्किल
फरवरी और मार्च का वेतन और पेंशन अभी बकाया है। साथ ही अप्रैल भी शुरू हो चुका है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान निगम कर्मचारियों को खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में जब निगम आयुक्त वर्षा जोशी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
सरकार की ओर से निगम को पैसा नहीं मिला है। यदि पैसा मिलता तो कर्मचारियों को भुगतान किया जाता। वहीं, महापौर अवतार सिंह ने कहा कि निगम ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और पत्र के जरिए एक हजार करोड़ की एकमुश्त राशि की मांग की है।
पर्याप्त मात्रा में है पीपीई किट
महापौर ने बताया कि अभी निगम के पास पीपीई किट समुचित मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं, विभिन्न एजेंसियों की ओर से दी जाने वाली मदद भी ले रहे हैं। लेकिन, यदि हमें पैसा नहीं मिला तो भविष्य में परेशानी हो सकती है।
सरकार की ओर से निगम को पैसा नहीं मिला है। यदि पैसा मिलता तो कर्मचारियों को भुगतान किया जाता। वहीं, महापौर अवतार सिंह ने कहा कि निगम ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और पत्र के जरिए एक हजार करोड़ की एकमुश्त राशि की मांग की है।
पर्याप्त मात्रा में है पीपीई किट
महापौर ने बताया कि अभी निगम के पास पीपीई किट समुचित मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं, विभिन्न एजेंसियों की ओर से दी जाने वाली मदद भी ले रहे हैं। लेकिन, यदि हमें पैसा नहीं मिला तो भविष्य में परेशानी हो सकती है।